हिन्दी का वर्डप्रेस है पर भाषा का प्रोग्राम नहीं

यह डूब मरने वाली बात है की हिन्दी का वर्डप्रेस होते हुआ भी हिंदी के लिए हमें गूगल पर जाना पडता है इससे बुरी बात यह भी है की सिर्फ किसी वर्डप्रेस के ब्लॉग पर अपनी प्रतिक्रया लिखने के लिए एक अकाउंट बनाना पडता है तथा एक ब्लॉग भी खोलना पडता है. मगर क्या करे? यह हिंदी भाषी समाज भी ऐसा है की सभी कुछ चुपचाप सहन कर लेता है.